हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , अल-बलाग़ फाउंडेशन कर्नाटक, भारत ने रहबर-ए-मुअज़्ज़म की हिमायत दोहराते हुए दुश्मनों की ओर से दी जा रही धमकियों को सख़्त अल्फ़ाज़ में क़ाबिल ए मज़म्मत क़रार दिया है और कहा है कि रहबर-ए-मुअज़्ज़म आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली हुसैनी ख़ामनेई पर हमला, पूरी इंसानियत पर हमला है।
अल बलाग़ फाउंडेशन कर्नाटक का बयान कुछ इस प्रकार है:
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
रहबर-ए-इंक़लाब ज़िंदाबाद, पाइंदाबाद!
रहबर-ए-इंक़ेलाब आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई सिर्फ़ शिया मज़हब के रहबर नहीं हैं और न ही केवल उम्मत-ए-इस्लामिया के नेता हैं, बल्कि वह पूरी इंसानियत के रहनुमा हैं। उन पर हमला सिर्फ़ उम्मत-ए-इस्लामिया पर हमला नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत पर हमला है। इसलिए हम अल-बलाग़ फाउंडेशन, कर्नाटक प्रदेश, रहबर-ए-इंक़लाब की मुकम्मल हिमायत का ऐलान करते हैं।
रहबर-ए-इंक़लाब सिर्फ़ ईरान या इस्लामी दुनिया के नेता नहीं हैं, बल्कि वह पूरी इंसानियत के अलमबरदार और दुनिया भर के मज़लूमों व मुस्तज़अफ़ीन के हामी और मददगार हैं। तारीख़ गवाह है कि सैयद अली ख़ामनेई (हिफ़्ज़हुल्लाह) सिर्फ़ शियाओं या मुसलमानों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि दुनिया के किसी भी हिस्से में जब किसी क़ौम पर ज़ुल्म हुआ, तो रहबर-ए-इंक़लाब इस्लामी आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने सबसे पहले उनके समर्थन में आवाज़ बुलंद की। इसलिए रहबर पर हमला पूरी इंसानियत पर हमला माना जाएगा।
हम अल-बलाग़ फाउंडेशन, रहबर-ए-मुअज़्ज़म की हिमायत का ऐलान करते हुए बारगाह-ए-रब्बुल इज़्ज़त में दुआ करते हैं कि ख़ुदावंद-ए-आलम रहबर-ए-इंक़लाब इस्लामी की हिफ़ाज़त फ़रमाए और दुनिया के तमाम ज़ालिमों और मुस्तकबिरों को नेस्त-ओ-नाबूद करे।
आमीन, सुम्मा आमीन

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